Description of the Book:
"""क्या कभी ऐसा हुआ है कि मन भरा-भरा सा लगे, लेकिन शब्द न मिलें?""
यह किताब उन अनकही भावनाओं की आवाज़ है, जो आपके दिल में तो हैं, लेकिन ज़ुबान पर नहीं आ पातीं। जब ज़िंदगी बोझ लगे, जब खुद से दूर हो जाएँ, जब रिश्तों की उलझनें भारी पड़ने लगें—तब यह किताब आपको थाम लेगी।
इंदूश्री ने मुश्किल हालात को कोमल कविताओं में पिरोया है, ताकि हर पन्ना आपको सुकून दे, हर शब्द आपको अपना सा लगे। यह सिर्फ़ कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि एक एहसास है—जो आपको खुद से फिर से जोड़ देगा।
यह किताब सिर्फ़ पढ़ने के लिए नहीं, जीने के लिए है।"
हम, तुम और ये जिंदगी-एक सफर सुकून का
SKU: 9789369535828
₹110.00Price
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