Description of the Book:
"यह किताब दिल की गहरी भावनाओं और समाज की कड़वी सच्चाइयों के बीच की वो खामोशी को शब्द देती है, जिसे हम अक्सर अनदेखा कर जाते हैं। ""समाज और सच के बीच में कुछ"" में प्रेम, टूटे रिश्ते, आत्मीयता, सामाजिक मुद्दों और व्यक्तिगत संघर्षों को खूबसूरत कविताओं के रूप में पिरोया गया है।
वो दर्द, वो सवाल, वो अधूरी कहानियाँ, जो कभी कहे नहीं जाते, शब्दों के माध्यम से उन एहसासों को उकेरा है| यह पुस्तक उन सब के लिए है जो कभी अपने भीतर की आवाज़ को पहचान नहीं पाते, या जिनकी कहानियाँ अनकही रह जाती हैं।
हर कविता एक अनुभव, एक यात्रा, और एक संघर्ष की कहानी है। यह किताब समाज की सच्चाइयों और दिल की गहराईयों के बीच एक पुल है, जो पाठक को खुद से और समाज से जुड़ने का अवसर देती है।"
समाज और सच के बीच में कुछ
Author's Name: Shalvi Singh
About the Author: एक इंजीनियर, एक माँ और एक रचनाकार, जिन्होंने अपने शोषित विचारों और संवेदनाओं को कविता के रूप में पिरोकर इस किताब को लिखा है। यह किताब उन लोगों के लिए है जो कभी दिल की बातें खुद से नहीं कह पाते, या जिनकी आवाज़ कहीं खो जाती है। लेखक ने खुद को और दूसरों को अपनी कविताओं के माध्यम से यह एहसास दिलाया है कि “तुम अकेले नहीं हो, मैं तुम्हारी आवाज़ सुनती हूँ।” Book ISBN: 9789369549566
.png)
