Description of the Book:
"ग्रामीण परिवेश में प्रकृति की इतनी गहरी संवेदना होती है, कि कविता के स्वर स्वत: ही प्रस्फुटित हो उठते हैं।
अत: प्रकृति के सभी मोहक रूपों का आभार जो मुझे कविता के लिए उत्प्रेरित करते हैं। कहीं मिट्टी की सौंधी गंध है, तो हरसिंगार के फूल महकते हैं, कभी रात की रानी की सुगंध हवा में घुल जाती है,। कहीं कुंज यहकते हैं, कहीं बुरांश के लाल पिछौड़े वन की शोभा को द्विगुणित कर रहे हैं। कहीं कोयल की कूक है, कहीं नव वधू का घूंघट भी है। "
संवेदना और शब्द-अनुभूति...
SKU: 9789369534739
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Author's Name: Gita Pandey
About the Author: "गीता पाण्डे एक सामान्य गृहणी हैं। हिन्दी साहित्य से पोस्टग्रेजुएट हैं।उनका जन्म उत्तराखण्ड राज्य के अल्मोड़ा जिले में हुआ। आकाशवाणी में कई आलेख व कविता पाठन पहले किया है। गृहस्थ में रहते हुए भी उन्होंने कई कविता और आलेख भी लिखे हैं । कुछ स्थानीय समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुए। कुछ समय के गर्त में लोप हो गये। फेसबुक पर भी उनकी बहुत कविताएँ सृजित हैं।" Book ISBN: 9789369534739
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