'स्पंदन' कवयित्री की हृदयगत भावनाओं का स्पंदन है, जिसमें छोटी-बड़ी 21 कविताएँ हैं| इन कविताओं को या कहें कि भाव- श्रृंखलाओं को कवयित्री ने कोई नाम नहीं दिया है| ये हृदय के सहज भाव हैं जो किसी व्यक्ति, परिस्थिति के सम्पर्क में आने से या भोगे, देखे-सुने अनुभव से अनायास जाग्रत हुए और लेखनी के माध्यम से पन्नों पर उतर गए| पाठकगण अपने हृदय की संवेदना के स्तर पर भाव- सामंजस्य कर रसास्वादन में सक्षम हो सकते हैं|
'स्पंदन'
SKU: 9798898655143
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Author’s Name: मुनेश शर्मा
About the Author: "कवयित्री परिचयनाम - सुश्री मुनेश शर्माजन्मस्थान -दिल्लीनिवास स्थान - गाजियाबाद उत्तर प्रदेशजन्मतिथि- 01/10/1980सम्पर्क सूत्र 9868485389सम्प्रति- सुश्री मुनेश शर्मा जी दिल्ली सरकार में हिंदी प्रवक्ता पद पर कार्यरत हैं|शैक्षिक योग्यता - एम.ए. हिंदी, एम.ए. शिक्षा, बी.एड़. प्रकाशित पुस्तकें-( साझा संकलन) १) पन्ने सादे सतरंगी से २) मातृभूमि३) अनकहे शब्द ४) पलाश के फूल विभिन्न शैक्षिक और साहित्यिक पत्रिकाओं में कविता/ लेख आदि का प्रकाशन |"
Book ISBN: 9798898655143
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