“रोशनी बनना, परछाई नहीं”— यह केवल एक शीर्षक नहीं, बल्कि एक पुकार है,एक दृष्टि है,एक संकल्प है,एक ठहराव है। जीवन की तेज़ रफ़्तार में हम अक्सर बाहरी दुनिया की कठोर वास्तविकताओं में उलझते-उलझते अपने भीतर की आवाज़ को सुनना भूल जाते हैं। दुनिया हमें जैसे देखना चाहती है, उसी रूप में ढलने की कोशिश में स्वयम् को कहीं खो देते हैं। यह पुस्तक एक छोटी-सी लौ है,जो भावों,अनुभवों और सूक्ष्म निरीक्षणों से बनी हुई है ।इसकी हर रचना एक दिशा दिखाती है—कहीं दर्पण बनकर तो कहीं एक सवाल बनकर और कहीं एक दीप, जो हमें अंधेरों से बाहर निकाल,हमारी खुद से पहचान कराती है। यदि यह पुस्तक आपके भीतर सोई हुई रोशनी को जगा दे और आपको अपने आप से एक कदम और जोड़ दे,तो मेरा लेखन सार्थक हो जाएगा । “हकीकत से दूर ,दुनिया की परछाई
Author Details :
Author's Name: वन्दना सूद
About the Author: नाम:वन्दना सूद(Vandana Sood) माता का नाम:श्रीमती सावित्री कपूर(Smt Savitri Kapoor) पिता का नाम:श्री वीरेन्द्र कपूर(Shri Virender Kapoor) पति का नाम:आकाश सूद(Akash Sood) शिक्षा:मास्टर ऑफ़ साइंस (MSc in Mathematics) रुचि:धर्म- भजन सुनना ,ग्रन्थ,साहित्य पढ़ना;कला-पेंटिंग करना,कुकिंग,लेखन ;संस्कृति-त्योहारों या रीति-रिवाज़ को विधि-विधान से करना ,योगाभ्यास और प्रकृति से जुड़ी हर एक चीज़ को चाहे पशु-पक्षी ,पेड़-पौधे ,ट्रैकिंग करना उनके साथ समय बिताना और उनकी फोटो खींचना बेहद पसंद है । कृति:स्कूल व कॉलेज में स्पोर्ट्स(sports) ,निबंध प्रतिस्पर्धा(essay competition),कला में और शिक्षा स्तर पर कई बार पुरस्कृत किया गया है । सामाजिक योगदान:अनाथालय(orphanage), वृद्धाश्रम (Old age home ),हरिद्वार गौशाला
Book ISBN: 9781807158170
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