यह कविता संग्रह 'यूँ ही कुछ ख़्याल' मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाता है। इसमें ईश्वरवाद, यथार्थवाद, व्यंग्यात्मकता, श्रृंगार-रसं एवं आशावाद, इन समस्त भावनाओं का समावेश अत्यंत सरल एवं सहज तरीके से किया गया है।
यूँ ही कुछ ख़्याल
Author’s Name: तापसी विश्वास (मन)
About the Author: तापसी विश्वास उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित वाराणसी के सुप्रसिद्ध विश्वविद्यालय में अधीक्षक पद पर कार्यरत एक आम गृहणी है। अंग्रेजी साहित्य से स्नाकोत्तर होने के साथ-साथ इनकी अभिरुचि लेखन, चित्रकला, गायन-वादन में छात्र-जीवन से ही रही है। छात्र-जीवन में ही राष्ट्रीय बाल पत्रिका 'पराग' में इनके निबंध छपने के साथ ही साथ इन्होंने शास्त्रीय गायन एवं वादन में भी अनेक उपाधियां प्राप्त की। इस कविता संग्रह के मुख पृष्ठ का चित्रांकन भी स्वयं इनके द्वारा किया गया है।
Book ISBN: 9789373140445
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