ये सच है मेरे हुजूर, 21 कविताओं का संग्रह है जिसे डॉ रंजीत कुमार बरनवाल ने समय समय पर लिखा है। इनमें से कुछ प्रकाशित भी हैं और कुछ पुरस्कृत भी। अलग अलग भावबोध की ये कविताएँ इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में कविताओं की प्रासंगिकता को भी रेखांकित करती हैं।
ये सच है मेरे हुजूर
SKU: 9789373143620
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Author’s Name: डॉ रंजीत कुमार बरनवाल
About the Author: "डॉ रंजीत कुमार बरनवाल देवघर झारखंड में रहते हैं और ए एस महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर और अध्यक्ष हिंदी विभाग के पद पर कार्यरत हैं। इनकी कई पुस्तकें प्रकाशित हैं जिनमें सागरमाथा से सागरवन (यात्रा वृत्तांत), नागार्जुन- पहचान और परख (संकलित निबंध), हिंदी की काली किताब, व्यंग्य का सौंदर्यशास्त्र (शोध) और कुछ अन्य पुस्तकें शामिल हैं। इन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से हिंदी में अपना शोध किया था और अभी अध्ययन- अध्यापन में व्यस्त हैं। विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में इनकी कई रचनाएँ प्रकाशित हुई हैं और इन्हें कई साहित्यिक पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं।"
Book ISBN: 9789373143620
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