Description of the Book:
मनमंजरी शब्दों की छाँव में पनपा एक ऐसा संकलन है, जो लेखक की जीवन यात्रा, अनुभवों और संवेदनाओं को प्रतिबिंबित करता है। यह किताब केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि एक आत्मिक सफर है, जिसमें लेखक ने अपने मन के भावों को शब्दों में पिरोया है। एक इंजीनियर होते हुए भी साहित्य के प्रति गहरे लगाव ने उन्हें हिंदी और उर्दू भाषा में लेखन की ओर प्रेरित किया। यह पुस्तक उनकी उन अधपकी कविताओं से लेकर अब तक की साहित्यिक यात्रा को दर्शाती है। मनमंजरी में प्रेम, विरह, समाज, आत्ममंथन और जीवन के विभिन्न रंगों को भावनात्मक अभिव्यक्ति दी गई है।
मनमंजरी-शब्दों की छाँव में
SKU: 9789369548354
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Author's Name: DIVANSHU GOYAL
About the Author: लेखक एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं और वर्तमान में राजस्थान सरकार में कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी बी.टेक. की पढ़ाई एमएनआईटी जयपुर से पूरी की। तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत होने के बावजूद, हिंदी और उर्दू साहित्य के प्रति उनकी गहरी रुचि है। वे कविता लेखन में निरंतर अभ्यास और सुधार के माध्यम से अपने विचारों को शब्दों में ढालते हैं। उनकी रचनाएँ उनकी जीवन यात्रा, अनुभवों और संवेदनाओं का प्रतिबिंब हैं, जो पाठकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का प्रयास करती हैं। Book ISBN: 9789369548354