Description of the Book:
सब कहते हैं कि हर कार्य का एक निर्धारित समय होता है। यही मेरे माता पिता ने भी हमें सिखाया। पर किसी ने ये नही बताया कि वो समय सही होता है या गलत। हर इंसान अपने अंदर हजारों सैकड़ों बातें छिपाए रहता है। मेरे अंदर भी ऐसी ही कई बातें है जिनकी लहरें रोज मचलती रहती है। उन्ही लेहरों को बाहर लाने की कोशिश है ये कविताओं की डोली। मन की बात में मैंने बिना सोचे समझे बस अपने दिल से आई आवाज को दर्शाया है। उम्मीद करती हूं की ये बातें मेरे पिता तक पहुंचे जो एक सितारा बने अब हमें राह दिखाते रहते हैं।
मन की बात
SKU: 9789358738216
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