Description of the Book:
"जो भी बात मन में आती है
काग़ज़ पर उतार देती हूँ
कुछ काल्पनिक होती हैं
कुछ घटनाएँ होती हैं आसपास घटित
बस जो छू जाती है दिल को
उनको मेरी प्रेरणा बनाकर
मेरी लेखनी का हिस्सा बना लेती हूँमैं जो भी सोचती हूँ और जो महसूस करती हूँ वो कविता के रूप में काग़ज़ पर उतार देती हूँ ! मुझे प्रकृति से बहुत प्रेम है इसलिए समय समय पर पेड़ पौधे फूल आसमान पक्षी और जल हवा सभी मेरी कविताओं के पात्र बन जाते हैं ।
रिश्तों की मैं बहुत कद्र करती हूँ इसलिए हर रिश्ते के बारे में मेरी सोच और भावनाओं को मैं अपनी कविताओं के माध्यम से प्रदर्शित करती रहती हूँ ।“मधु के शब्द” मेरी दूसरी पुस्तक है जिसमें मैंने कोशिश की है कि अपनी भावनाओं के विविध रंगों को इस पुस्तक के द्वारा अपने पाठकों तक पहुँचा सकूँ ।"
मधु के शब्द
Author's Name: मधु शर्मा
About the Author: "जन्मतिथि : 18 जून ,1963 (जयपुर)माता : श्रीमती पुष्पलता शर्मापिता : श्री मोतीलाल शर्मापति : :श्री ललित शर्माशिक्षा : एम.एस.सी.( होम साइंस) एम.ए. ( हिंदी )डिप्लोमा- पत्रकारिता एवम् जनसंचार, विशारद - गायनअभिरुचि : लेखन, संगीत, बागवानी, योगा एवम् खेलकूदकार्यक्षेत्र : जयपुर दूरदर्शन पर अनेक कार्यक्रमों का लेखन एवं प्रस्तुति , जयपुर दूरदर्शन पर करीब 15 वर्षों तक हिंदी समाचार वाचनप्रकाशन : कविता संग्रह “मोह के धागे” ( 2018 )मोबाइल : +91 9829306567ईमेल : madhu6318@gmail.com" Book ISBN: 9789369543632
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