Description of the Book:
"""मंज़र"" एक ऐसा काव्य-संग्रह है, जिसमें मन के भीतरी संसार की हलचलें शब्दों का रूप लेकर पाठकों के सामने आती हैं। प्रेम की नर्माहट हो या पीड़ा की टीस, आशाओं की उड़ान हो या आत्मचिंतन की गहराइयाँ — हर कविता मानो जीवन की किसी अधूरी बात को पूरा करती है।
अनुराधा राकेश की लेखनी सरल, आत्मीय और असरदार है — जो सीधे दिल से निकलती है और वहीं जाकर ठहरती है।
यह संग्रह उन अनकही यात्राओं का दस्तावेज़ है, जो हम सभी अपने भीतर चुपचाप तय करते हैं।
आइए, “मंज़र” की इन पंक्तियों में अपने ही मन की परछाईं ढूँढें।
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मंज़र-कुछ पल— ज़िंदगी से चुराए, लफ़्जों में पिरोये
SKU: 9789370922136
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Author's Name: अनुराधा राकेश
About the Author: "Clinical Psychologist | Researcher | AuthorAnnuradha Rakesh is a clinical psychologist specializing in mental health, family therapy, and marital counseling. Her work is deeply rooted in evidence-based psychological practices such as Cognitive Behavioral Therapy (CBT). She strongly advocates for a humanistic framework and believes that acceptance and commitment to one’s emotional existence form the foundation of mental health.For her, poetry is not just a form of expression, but a medium of intimacy, compassion, and connection. She integrates her clinical experience with academic research to foster emotional well-being. Her writings reflect a psychologist's depth and a poet's sensitivity " Book ISBN: 9789370922136
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