Description of the Book:
यह किताब मेरी कल्पनाओं की, सोच की , भावनाओं की एक पूँजी है जो मैं अब आप पाठकों के साथ बाँटना चाहती हूँ। यह किताब मेरे लिए बहुत ख़ास है क्योंकि कविताएँ लिखना मेरे लिए एक कला है,एक एहसास है। इसी भावना के साथ मैंने कविताएँ लिखना शुरू किया था। इस किताब में मेरी कल्पनाओ की पूँजी है। मेरी सोच का दर्पण है यह किताब। चाहे देश और जवानो के पति प्रेम दर्शाना हो या आज के युग का वर्णन करना हो , मेरी कविताएँ बड़े ही सरल शब्दों में सुंदरता से यह काम करती है। मुस्कान की सुंदरता , सैनिकों का त्याग , राष्ट्रीय त्योहारों का वर्णन , कोरोना काल का चित्रण , आधुनिक देश का वर्णन , दोस्ती का खूबसूरत रिश्ता और तारक मेहता का उल्टा चश्मा की गोकुलधाम सोसाइटी की एकता , इन सब विषयों को एक अनोखे तरीके से मैंने मेरी कविताओं में दर्शाया है। मेरी कविताएँ शब्दावली पर नहीं भावनाओ को ध्यान में रखकर लिखी गई है। इस किताब में कई ऐसे विषयों पर कविताएँ है जो भले ही आम शब्द हो पर यह आम शब्द हमारे जीवन में अनमोल भूमिका निभाते है। मुझे आशा है की यह कविताएँ आपके मन को छू जाएँगी और आपको मेरे विचारो से जोड़ देगी। आशा है आप इन कविताओं की गहराईओं को समझ पाएँगे। यदि आप सबको यह किताब पसंद आ जाएगी तो मेरी मेहनत सफल हो जाएगी।
मेरी कल्पनाओं की पूँजी
Author's Name: JANVI ARORA About the Author: I, JANVI ARORA, AM AN EIGHTEEN-YEAR COLLEGE STUDENT. FROM MY CHILDHOOD I STARTED WRITING POEMS IN BOTH HINDI AND ENGLISH .. AT THE AGE OF 10 YEARS I WROTE MY FIRST POEM AND FROM THEN THE JOURNEY OF MY POETRY STARTED. WRITING POEMS IS MY PASSION AND HOBBY. I AM AN AMBITIOUS, HARDWORKING, AND INNOVATIVE PERSON WHO LOVES DEVOTING TIME TO CREATIVE AND CONSTRUCTIVE WORK. WITH THE LOVE AND SUPPORT OF MY FAMILY I RECENTLY COMPLETED MY 100 POEMS. Book ISBN: 9789357216128
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