Description of the Book:
इन छोटी छोटी रचनाओं में कहीं होली के उत्सव की तो कहीं श्रीकृष्ण के परम पावन नामों का गायन किया है। वैसे ये अंतरंग ह्दयोल्लास का विवरण हैं जो बृज के गोपी ग्वाल प्रभू श्रीकृष्ण के साथ हर दिन मनाते थे । श्री महाप्रभुजी ने जो सेवा रीति प्रकटायी है वो ही हमारे भावों को घडती है । भाषा सरल हिंदी एवं बृजभाषा है।
मेरे कृष्ण न्यारे कृष्ण-अंतर्यामी , दीनानाथ , मनमोहन मुरारि
SKU: 9789369534630
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Author's Name: मयुरिका गोस्वामी
About the Author: मैं पुष्टिमार्गीय संप्रदाय से हूं । नाथद्वारा पिछवाई कला , बृज की सांझी चित्रण , और श्री ठाकुरजी की आरती की थाली चित्रण आदि हमारे परिवार की सेवा विधि में शामिल हैं । विभिन्न फूलों के हिंडोला , फूलमंडली एवं मालाजी की कला भी श्री ठाकुरजी को ऋतु अनुसार हम धराते हैं ।ग्रंथ साहित्य में विशेष रूचि हैं , यही इस पुस्तक की रचना का हेतु की मेरी भक्ति की सहज भावना आप के साथ साझा करूं । आप को प्रभुकृपा से इसमें आनंद आवे यही आशा है । मुंबई मोटा मंदिर के परंपरागत हम वल्लभ वंशज हैं । Book ISBN: 9789369534630