Description of the Book:
यह कविता-संग्रह प्रेम की नर्मी, आत्म-अन्वेषण की गहराई, और समाज के आईनों से टकराते सवालों का सजीव दस्तावेज़ है। हर पंक्ति किसी एहसास से जन्मी है — कभी नारी की दृढ़ता, कभी रिश्तों की मासूम तपिश, तो कभी आत्मा की बेचैन खोज। इन कविताओं में आपको वो आवाज़ें सुनाई देंगी जो अक्सर दिल में दबकर रह जाती हैं — माँ-बाप की ममता, समाज की जटिलताएँ, और खुद से किए गए अनकहे संवाद। यह संग्रह सिर्फ़ पढ़ने के लिए नहीं, महसूस किए जाने के लिए है — शायद कहीं इसमें आप खुद को भी पा जाएँ।
मैं तुझे इश्क़ करना सिखाऊंगी
SKU: 9789369535651
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