Description of the Book:
यह कविता-संग्रह प्रेम की नर्मी, आत्म-अन्वेषण की गहराई, और समाज के आईनों से टकराते सवालों का सजीव दस्तावेज़ है। हर पंक्ति किसी एहसास से जन्मी है — कभी नारी की दृढ़ता, कभी रिश्तों की मासूम तपिश, तो कभी आत्मा की बेचैन खोज। इन कविताओं में आपको वो आवाज़ें सुनाई देंगी जो अक्सर दिल में दबकर रह जाती हैं — माँ-बाप की ममता, समाज की जटिलताएँ, और खुद से किए गए अनकहे संवाद। यह संग्रह सिर्फ़ पढ़ने के लिए नहीं, महसूस किए जाने के लिए है — शायद कहीं इसमें आप खुद को भी पा जाएँ।
मैं तुझे इश्क़ करना सिखाऊंगी
SKU: 9789369535651
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Author's Name: आरज़ू मिश्रा
About the Author: मैं आरज़ू मिश्रा, अहमदाबाद की रहने वाली हूँ। मेरी कविताएँ मेरी सोच, मेरे एहसासों और मेरे अनुभवों की सच्ची अभिव्यक्ति हैं। मुझे मंच पर कविता सुनाना उतना ही पसंद है जितना उसे काग़ज़ पर उतारना। मेरी लेखनी में बनावट नहीं, बस वही है जो मैं महसूस करती हूँ — बिना किसी सजावट के। अगर मेरी पंक्तियाँ आपके दिल को छू जाएँ, आपको सोचने पर मजबूर कर दें या जीवन में थोड़ी-सी रोशनी भर दें, तो यही मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। Book ISBN: 9789369535651
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