Description of the Book:
सड़क पर चलते-चलते, ऑटो में बैठे हुए, या फिर मेट्रो में खड़े-खड़े क्या कभी ये खयाल आया है कि "मैं कहाँ हूँ?"
आया है ना! और जब भी यह सवाल ज़हन में आता है, एक खोज सी शुरू हो जाती है खुद की, खुद में। बस खुद को खोजते खोजते इस सवाल को शब्द देने की कोशिश की है इस पुस्तक में। हो सकता है आपकी खोज को भी शब्द मिल जाए।
मैं कहाँ हूं?
SKU: 9789357741422
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