यह कविता संग्रह जीवन के विविध रंगों और अनुभवों का एक मार्मिक चित्रण प्रस्तुत करता है। इसमें माँ के असीम प्रेम और निस्वार्थ त्याग को गहराई से महसूस किया जा सकता है, जो हर कठिनाई में ढाल बनकर खड़ी रहती है। कानून और व्यवस्था पर कवि का चिंतन सामाजिक न्याय की परतों को उधेड़ता है, जहाँ नियमों की पेचीदगियाँ और उनकी व्यावहारिकता पर प्रकाश डाला गया है।संग्रह प्रतिस्पर्धा भरे आधुनिक समाज की भाग-दौड़ और उसके दबावों को उजागर करता है, जहाँ हर व्यक्ति श्रेष्ठ साबित होने की जद्दोजहद में लगा है। जीवन की चुनौतियों को कवि ने बड़ी संवेदनशीलता से छुआ है। कुल मिलाकर, यह संग्रह मानवीय भावनाओं और सामाजिक ताने-बाने का एक सुंदर संगम है।
भावों के समुन्दर से
Author’s Name: मोहित चौबे
About the Author: "मोहित चौबे एक शासकीय सेवक हैं जिन्होंने अपने जीवन के हर पहलू को अत्यंत बारीकी और संवेदनशीलता से जिया है। उनकी यह गहन जीवन-दृष्टि ही उनकी कविताओं का मूल आधार है। जहाँ एक ओर वे अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करते हैं, वहीं दूसरी ओर उनका हृदय साहित्य और कला के प्रति गहरा अनुराग रखता है। अध्ययन-अध्यापन में उनकी गहरी रुचि उन्हें निरंतर सीखने और सिखाने के लिए प्रेरित करती है।एक लेखक के तौर पर मोहित चौबे की पहचान उनकी कविताओं में झलकती है, जो जीवन के अनुभवों को, मानवीय भावनाओं की सूक्ष्म परतों को और समाज के यथार्थ को बड़ी सहजता से शब्दों में पिरोती हैं। उनकी कविताएँ केवल भावनाएँ नहीं हैं, बल्कि चिंतन और मनन का परिणाम हैं, जो पाठकों को आत्मनिरीक्षण के लिए प्रेरित करती हैं। "
Book ISBN: 9789372139495
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