Description of the Book:
ये इक्कीस कविताओं की किताब नहीं है ये सोच के रची हुई नज्में नही है ये बस इक्कीस पल है ऐसे पल जो कई तरह से महसूस हो इस किताब में मै हु , वो है , जिंदगी है , प्यार है , सफर है , धूप है , चाव है , शामें है. अगर कोई कविता तुम्हे समझ न आए तो उसे वही न छोड़ना , कुछ कविताएं नई नई शर्माती है , उन्हे वक्त दो.
बस यूंही ...
₹50.00Price
.png)
