Description of the Book:
‘बयां-ए-जज़्बा’ मानवीय भावनाओं के विभिन्न रंगों की कविताओं के संग्रह से सजी है। हालाँकि अधिकांश कविताएँ मानव की स्वर्गीय भावनाओं यानी प्रेम, वियोग और विरह की पीड़ा के बारे में कवि की विशद कल्पना को दर्शाती हैं ; समाज में चल रहे अन्याय , जिसने कवि को उदास कर दिया ,के बारे में भावनाओं की हार्दिक कविताएँ भी हैं जो पाठकों को भी एक बार सोचने पर मजबूर कर देगा। आधुनिक जीवन में पढ़ने के लिए धैर्य और समय दोनों ही कम हैं। लेकिन कवि ने अपनी भावनाओं को काफी कम जगह में अपने पाठकों के लिए प्रस्तुत किया है। पाठक पुस्तक के प्रत्येक पृष्ठ को पलटते हुए खुद को कवि की कल्पना में डूबा हुआ पाएंगे।
बयां-ए-जज़्बा-रूह की आवाज़ - एक गुलदस्ता
SKU: 9789369542451
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