Description of the Book:
"जैसे जैसे समय बदलता है , वैसे वैसे हमारी सोच, दुनिया को देखने का नज़रिया, हमारी भावनाएं बदलती है I
बचपन में हमारी पूरी दुनिया हमारे माता पिता होते हैं I
धीरे -धीरे जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती हैं , हमारा दिमाग, दिल आसपास की दुनिया को अपने हिसाब से देखता और समझता हैं I
बदलते समय के साथ हम बचपन की मौज मस्ती को भूलकर, ज़िन्दगी को समझने की एक अलग ही कोशिश में लग जाते हैं I
बचपन की मौज से लेकर खुद की खोज तक का ये सफर हमें अकेले पार करना होता है I इस सफर में एक सच्चा सतगुरु ही आपको सही मार्ग दिखाकर सुखी शांत ज़ीवन तक पहुँचा सकता है I
इस पुस्तक में उसी बचपन से खुद की खोज के सफर को कविताओं के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है I "
top of page
SKU: 9789369531189
₹110.00Price
Helvetica Light is an easy-to-read font, with tall and narrow letters, that works well on almost every site.
bottom of page
.png)
