"बांसुरी के स्वर" हिमानी अग्रवाल द्वारा लिखित प्रथम किताब है। यह 18 सुवर्ण कविताओं का संकोष है। यह भावनाओं से भरा काव्य संग्रह है जो केवल पढ़ा नहीं जाता परंतु मन की गहराइयों से गूंजता है। इसमें अधिकतर कविताएं भक्ति रस में लिखी गई हैं और इनमें जीवन मूल्यों की शिक्षा दी गई है।इस पुस्तक की हर कविता अपने आप में एक स्वर, एक अनुभूति और एक कहानी है—जो पाठक को रुककर सोचने, महसूस करने और मुस्कराने पर मजबूर कर देती है।“बांसुरी के स्वर” उन सभी के लिए है जो शब्दों में संगीत सुन सकते हैं और अनुभवों में कविता खोजते हैं।
बांसुरी के स्वर
SKU: 9781807151676
₹110.00Price
Author’s Name: हिमानी अग्रवाल
About the Author: 15 वर्षीय हिमानी अग्रवाल हिंदी साहित्य की गहरी प्रेमी हैं। शब्दों की दुनिया उन्हें बचपन से ही आकर्षित करती रही है। रामायण और महाभारत जैसी महान कृतियों की कथाएँ सुनना और उनके पात्रों के साहस, धर्म और जीवन-मूल्यों को समझना हिमानी को विशेष आनंद देता है। हिमानी का मानना है कि साहित्य मन को आकार देता है और शब्द इंसान के भीतर एक नई दुनिया रचते हैं। अपने लेखन के माध्यम से वह पाठकों के हृदय तक सीधे पहुँचने का प्रयास करती हैं।
Book ISBN: 9781807151676
.png)
