Description of the Book:
कविताओ का पहला संग्रह पाठको के लिए प्रस्तुत है समय की सीमा से परे ये कविताएं अलग अलग भावो के साथ अलग अलग मनःस्थिति में लिखी गई है। पाठको के दिल तक उतर जाएं यही मेरी आकांक्षा है।
लेखन की प्रेरणा पूज्य पिताजी से मिली। 1947 के भारत पाक विभाजन की त्रासदी को भावपूर्ण शब्दो में पिरोकर उन्होंने एक कविता लिखी, जो 15 वर्ष की आयु में मेरे हाथ में कलम देकर मुझे सुनाई और कहा "चाहता हूँ तुम भी लिखो...।"
वो एक कविता प्रेरणा बनी और सर्वप्रथम जाहन्वी पत्रिका में बाल कविता को स्थान मिला। उसके बाद मंच और सभाओ में कई कवियों का सानिध्य मिला।
एक प्रतियोगिता में श्रधेय "अज्ञेय जी" द्वारा प्रशंसा किये जाने पर उत्साह बढ़ गया। यदा कदा पत्रिकाओं में कविताये प्रकाशित होती रही।
माँ सरस्वती के चरणों में समर्पित यह संग्रह गुरुप्रेरणा से आप तक पहुँचा पा रही हूँ, आशा है पाठकों का प्यार और शुभकामनाएं मुझे मिलेंगी।
अनुभूति की आहट
Author Name: Purnima Bhasin About the Author: जन्मतिथि २१ सितम्बर १९६३, प्रारंभिक शिक्षा LMV स्कूल हल्द्वानी स्नातक शिक्षा बनस्थली विद्यापीठ, राजस्थान से एवं स्नातकोत्तर राजस्थान यूनिवर्सिटी से राजनीती शास्त्र में प्रथम स्थान से, महादेवी वर्मा जी के हाथों MA की डिग्री प्राप्त की विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविता का उद्भव पिता की प्रेरणा से हुआ। कुछ साल मंच पर कविता पढ़ी पर लिखने और लेखन से नाता जुड़ा रहा। लेखिका की खूबसूरती उसकी लेखनी की विविधता का प्रमाण देगा, जिसे किताब में बहुत ही सुंदरता से पिरोया गया है । 1४ साल की उम्र से फ़ौज और फौजी के जज़्बे को शब्दों से सलाम करती आई पूर्णिमा ने हर विषय पर पकड़ बनाये रखी, और अपनी कविताओं से समाज और स्त्री के जीवन के मर्म और मार्मिक एहसास को ज्वलंत रखा । उम्मीद है लेखिका के इस प्रयास को आप सभी का प्यार मिलेगा । Book ISBN: 9789394640917
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