Description of the Book:
"एक कवि की नजर से, वीरेन्द्र विक्रम ने निवेश, शेयर बाजार, और अर्थशास्त्र की गहराइयों को उकेरा है। तकनीक और आंकड़ों की दुनिया को कविता के कोमल शब्दों में ढालते हुए, यह पुस्तक वित्तीय ज्ञान और रचनात्मकता का अद्वितीय संगम है।
वीरेन्द्र की कविताएँ आपको बाजार के उतार-चढ़ाव में छिपे जीवन के दर्शन को देखने का मौका देंगी। उनकी यात्रा, एक निवेशक और यात्री के रूप में, आपको विचारों की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी—जहां संख्या और शब्द मिलकर नई संभावनाओं की कहानियाँ कहते हैं।
यह किताब न केवल अर्थशास्त्र का एक पाठ है, बल्कि धन, सपनों और संभावनाओं की कविता है। इसे पढ़ते हुए, आप न सिर्फ समझेंगे, बल्कि महसूस करेंगे कि वित्तीय दुनिया भी कला हो सकती है।"
बाज़ार की चाल शब्दों के हाल
SKU: 9789370921009
₹110.00Price
Author's Name: VIRENDRA VIKRAM \ वीरेन्द्र विक्रम
About the Author: A visionary thinker and seasoned engineer, Virendra Vikram seamlessly blends technical expertise with entrepreneurial acumen. With a career spanning engineering marvels and successful investments, Virendra has mastered the art of building systems—whether in technology or finance. Beyond boardrooms and blueprints, Virendra is an avid traveler, always seeking inspiration in diverse cultures and breathtaking landscapes. These global adventures not only fuel creativity but also bring a unique perspective to the stories he craft. Book ISBN: 9789370921009
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