Description of the Book:
"हर प्यार की एक कहानी होती है—कुछ पूरी हो जाती हैं, तो कुछ अधूरी रहकर भी दिल में बस जाती हैं। “बिखरते जज़्बात” उन्हीं लम्हों की धड़कन है, जो यादों में अब भी ज़िंदा हैं।
यह शायरी उन ख़्वाबों की है, जो टूटकर भी दिल में महफूज़ रहे। यह उन चिट्ठियों की दास्तान है, जो लिखी गईं, मगर कभी भेजी नहीं गईं। यह उन रातों की गवाही है, जब किसी का नाम लिया तो गया, मगर आवाज़ लबों तक आकर रुक गई।
क्योंकि कुछ इश्क़ लफ़्ज़ों से परे होते हैं—बस दिल में धड़कते रहते हैं…"
बिखरते जज़्बात-जज़्बातों का बिखरता सफ़र
SKU: 9789369532070
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Author's Name: रिद्धिमा सिंह
About the Author: मैंने ज़िंदगी को करीब से महसूस किया है—कभी मोहब्बत की ख़ुशबू में खोकर, तो कभी जज़्बातों की धूप में जलकर। बचपन में बोर्डिंग स्कूल की दीवारों के बीच रहकर भी, मैंने अपने एहसासों को आज़ाद उड़ने दिया। जब कह नहीं पाई, तब लिखा; जब दर्द बोला, तब शायरी में ढल गया। यह सफर कभी दर्द से गुज़रा, तो कभी हौसले से भरा रहा, लेकिन हर बार लफ्ज़ों ने खुद को महसूस करने का मौका दिया। “बिखरते जज़्बात” हर उस दिल की कहानी है, जिसने बेइंतहा चाहा और जुदाई का दर्द सहा। क्योंकि कुछ एहसास लफ्ज़ों में ढलकर ही अमर होते हैं। Book ISBN: 9789369532070
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