कविता दिल से उभर कर आती है तभी पाठकों के दिलों में जगह ले पाती है| अभिव्यक्तियों के कुछ चुने हुए "मोती" यथार्थ के धरातल पर बोने की चेष्टा की है अपनी इन कविताओं में मैंने|रश्मि सहाय
परिमल
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Author’s Name: रश्मि सहाय
About the Author: "पैदाइश : साहित्यिक नगरी प्रयागराज में ,शिक्षा : एम.ए. राजनीतिशास्त्र लखनऊ विश्वविद्यालय से |एक लघुकथा संग्रह लघु से दीर्घ तक प्रकाशित| साहित्यकार की कलम कब ठहरी है? निरंतर चलती ही जा रही है स्वीकृति की अपेक्षा से.... रश्मि सहाय "
Book ISBN: 9798898655723
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