पूरे-अधूरेइस कविता संग्रह में उन भावनाओं को शब्द दिए गए हैं जो अक्सर दिल में रह जाती हैं - अधूरे ख़्वाब, बिछड़ी यादें,और आत्मा की गहराइयों से निकली चुप्पियाँ।हर कविता एक कोशिश है ख़ुद को समझने, जोड़ने,और स्वीकार करने की।“पूरे-अधूरे” एक भावनात्मक यात्रा है,जहाँ पाठक ख़ुद को हर पंक्ति में खोजता है-कभी एक प्रेमी की तरह,कभी एक खोए इंसान की तरह।यह किताब उन सभी के लिए है,जिन्होंने कभी अधूरा महसूस किया है-और फिर भी उस अधूरेपन में कुछ पूरा पाया है।
पूरे-अधूरे
SKU: 9789372132144
₹110.00Price
Author’s Name: Shalini Narang
About the Author: "शालिनी नारंग, दिल्ली निवासी एक संवेदनशील कवियत्री और स्वशिक्षित मंडला आर्टिस्ट हैं। वे भावनाओं की गहराइयों को शब्दों और रेखाओं के माध्यम से व्यक्त करती हैं।प्रेम,अकेलापन,आत्म-खोज और कुछ अधूरे रिश्तों जैसे विषयों को वे सादगी और गहराई से छूती हैं।माता-पिता की कविताएँ पढ़ते हुए उन्हें लिखने की प्रेरणा मिली, और धीरे-धीरे लेखन उनके आत्म संवाद का माध्यम बन गया।मंडला आर्ट उनके लिए ध्यान और संतुलन का जरिया है।“पूरे-अधूरे” उनका पहला कविता संग्रह है, जो दिल के अनकहे हिस्सों को नर्म शब्दों में आकार देने की एक ईमानदार कोशिश है।"
Book ISBN: 9789372132144
.png)
