प्रेम जब परिपक्व होता है, तो वह न तो मीठा रहता है, न ही कड़वा-वह नमकीन हो जाता है। नमकीन केसर 21 कविताओं की वह यात्रा है, जहाँ प्रेम केवल आकर्षण नहीं, बल्कि स्वीकार है; जहाँ वियोग भी सौंदर्य है, और मौन भी संवाद। यह संग्रह उन सभी के लिए है जिन्होंने प्रेम को खोया, पाया, निभाया या बस महसूस किया। जीवन की धूप-छाँव में भीगते हुए, यह कविताएँ पाठक के भीतर की स्मृतियों को सहलाती हैं-जैसे केसर की खुशबू, जो देर तक मन में बसी रहती है।
नमकीन केसर
Author’s Name: Dr Mita Sharma -Mitraasha
About the Author: डॉ. मीता शर्मा मित्राशा-एक लेखिका, संपादक, यात्रिका और योग चिकित्सक-ने जीवन की सीमाओं को पार कर अनुभवों का खजाना संजोया है। प्रबंधन में डॉक्टरेट, इंजीनियरिंग, फैशन, मनोविज्ञान और मानव संसाधन में दक्षता के साथ, वे तर्क और संवेदनशीलता का अद्भुत संगम हैं। अंतरराष्ट्रीय काव्य मंचों की प्रेरक स्वर, वे 40+ देशों की यात्री हैं। चीन में निवासरत, वे प्रकृति, संगीत, किताबों और गहरे एस्प्रेसो में सृजन की ऊर्जा खोजती हैं। उनकी लेखनी, शिक्षण और परामर्श में वही गरिमा और सहजता झलकती है जो उन्हें विशिष्ट बनाती है।
Book ISBN: 9781807150587
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