जहाँ शब्द जज्बातों का लिबास पहनते हैं, उसी जगह का नाम है नज़्मगाह इस किताब में केवल पंक्तिया नहीं बल्कि एक सफ़र है जिसमे कभी इश्क़ की धूप मिलेगी तो कभी तनहाई की ठंडी छाँव, सादगी और शिद्दत के इस सफ़र में आप ख़ुद को खोकर ख़ुद को ही ढूँढ लेंगे।
नज़्मगाह
SKU: 9789375100065
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Author’s Name: वीर - द - शायरा
About the Author: वीर - द शायरा, सिरसा हरियाणा से ताल्लुक रखती है, वीर एहसासो और जज्बातों को नज़्मो में पिरोने का हुनर रखती हैं, कलम की स्याही में जज्बातों को घोलकर पन्नो पर उतारना इनकी रूह को सुकून देता है, इन्हें खामोशी को सुनना और उसे शब्दों में पिरोना बेहद पसंद है। नज़्मगाह इनकी पहली कोशिश है, जिसमे इन्होंने ज़िन्दगी के कई रंगों को समेटने का प्रयास किया है, इनकी शायरी में सादगी भी है, और गहराई भी, जो सीधे पाठक के दिल से संवाद करती है।
Book ISBN: 9789375100065
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