Description of the Book:
दर्पण काव्य संग्रह लेखिका का एक विनम्र प्रयास है। यह रचना मनुष्यों के अस्थिर मन और जीवन में आने वाले अ प्रत्याशित परिवर्तनों पर आधारित है। इसमें किसी प्रिय व्यक्ति के वियोग का दुख और बिछड़ने की कसक महसूस होती है। यह उन पत्नियों और संतानों के अकेलेपन को चित्रित करता है, जो कभी अपने प्रियजन से पलभर भी दूर नहीं रह सकते थे, परन्तु अब उन्हें उनके बिना ही जीवन व्यतीत करना पड़ता है। उनके लिए प्रत्येक क्षण बोझिल है और वे सभी कठिनाइयों से अकेले ही संघर्ष करते हैं। हालांकि, ऐसे मुश्किल समय में, केवल खून के रिश्ते ही उन्हें सच्ची सहायता प्रदान करते हैं। यह काव्य संग्रह इन्हीं भावुक क्षणों में हृदय से निकली भावनाओं को काव्यात्मक रूप देने की कोशिश है।
दर्पण
SKU: 9789370927094
₹110.00Price
Author's Name: अनुषा जॉन
About the Author: "हमारी इस कविता संग्रह की लेखिका, अनुषा जॉन, छत्तीसगढ़ के एक छोटे से शहर की रहने वाली एक शिक्षिका हैं। लिखना उनके लिए केवल एक शौक नहीं, बल्कि आत्मा की एक गहरी अभिव्यक्ति है।यह पहली बार है जब उन्होंने अपनी भावनाओं और विचारों को इस प्रकार एक पेशेवर रूप दिया है। हाल ही में, उन्होंने अपने प्रिय पति को असमय खो दिया। इस अपार क्षति और दर्द से उबरने के प्रयास में, उन्होंने स्वयं को अपनी लेखनी में व्यस्त पाया। उनकी कविताएँ इस कठिन समय में उनके मन की उथल-पुथल, वेदना और धीरे-धीरे प्राप्त हो रही शांति की एक मार्मिक झलक प्रस्तुत करती हैं। यह संग्रह न केवल उनकी रचनात्मकता का प्रमाण है, बल्कि यह उनके साहस और जीवन के प्रति अटूट आस्था का भी प्रतीक हैं। " Book ISBN: 9789370927094
.png)