21 ख़त: तेरे बाद की क़लम — एक टूटे हुए प्रेम की कहानी नहीं, बल्कि उस प्रेम के बाद बचे सन्नाटे की क़लमबद्ध दस्तावेज़ है।हर पन्ना एक ख़त है, हर ख़त एक चीख़।यह संग्रह उन सभी के लिए है —जो कभी typing dots का इंतज़ार करते रह गए,जिन्हें “online” देखा, मगर बात न हो सकी,जिनके रिश्ते आख़िरी कॉल पर नहीं, बल्कि ख़ामोशी पर ख़त्म हुए।
तेरे बाद की कलम – इक्कीस ख़त
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