"तेरा इशारा" की हर कविता अपने आप में एक खोज भी है, एक सफर भी, एक मंज़िल भी। खुद से पूछा गया प्रश्न भी है तो कहीं आत्मा से मिल गया जवाब भी। हम सबके भीतर ये प्रश्न कभी न कभी ज़रूर आते हैं कि मै कौन हूँ, मेरे अस्तित्व का कारण क्या है और फिर अंत में जाना कहाँ है। जब भीतर इन प्रश्नों की प्यास गहरी होती जाती है तो खोज होती है किसी इशारे की जो बता दे प्रभु से मिलाप का तरीका। उसी इशारे की बात इस काव्य संग्रह "तेरा इशारा" में की गयी है।
तेरा इशारा
SKU: 9789373144375
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Author’s Name: किरन
About the Author: किरन, जन्म 12 अगस्त, जयपुर जिला, विज्ञान स्नातक एवं बी.एड. धारक, वर्तमान में गृहिणी हैं। बचपन से लेखन में रुचि रखने वाली किरन स्वयं को कवयित्री नहीं, जीवन की राहों पर चलती एक यात्री मानती हैं। प्रकृति को निहारना और साधारण में भी गूढ़ अर्थ खोज लेना उनकी संवेदनशील दृष्टि की पहचान है। उनका काव्य-संग्रह “तेरा इशारा” इसी अन्वेषी मन का विस्तार है, जो पाठकों को अपने भीतर की यात्रा करने की प्रेरणा देता है।
Book ISBN: 9789373144375
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