ज़ज़्बात दिल की उन राहों की यात्रा है, जहाँ भावनाएँ धीरे चलती हैं और शब्द हलकी रोशनी की तरह रास्ता दिखाते हैं। इस संग्रह की कविताएँ प्रेम, विरह, उम्मीद, उलझन और रोजमर्रा की छोटी-बड़ी धड़कनों को सरल भाषा में छूती हैं।
हर कविता एक थमी हुई साँस की तरह है, जो महसूस तो बहुत पहले हो चुकी थी, पर शब्द अभी मिली हैं। कुछ पंक्तियाँ यादों की गहराई से आती हैं, कुछ सपनों के कोमल किनारों से, और कुछ उन सच्चाइयों से जो हम अक्सर मन में छुपा लेते हैं।
ज़ज़्बात पाठकों को रुककर सोचने, खुद से बात करने और अपने ही भीतर की दुनिया को समझने का निमंत्रण देती है। यह पुस्तक उन सभी दिलों के लिए है जो भावना के भार को चुपचाप उठाते हैं और उसे किसी सुंदर रूप में व्यक्त करना चाहते हैं।
जज़्बात
Author’s Name: डॉ. प्रभांशु वर्मा
About the Author: डॉ. प्रभांशु वर्मा का जन्म 19 जनवरी 2003 को कन्नौज के तिर्वा नामक कस्बे में मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ। डॉ. वर्मा को अपने स्कूल के दिनों से कविता और कहानी में रुचि थी. वे अक्सर अपनी स्वरचित कविता और कहानी सोशल मीडिया में डालते रहते थे। वर्तमान में वह प्रेरणा स्कूल फिर स्पेशल चिल्ड्रेन(कैंट कानपुर) में भौतिक चिकित्सक के पद पर कार्यरथ है और साथ ही तिर्वा में स्थित ऑल इन वन फिजियोथेरेपी & चाइल्ड डेवलेपमेंट सेंटर के डायरेक्टर और मालिक है एवं तिर्वा वासियों को अच्छा उपचार प्रदान कर रहे है।
Book ISBN: 9781807157388
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