हमारे जीवन के सफ़र में हमें सुखद और सुखद दोनों स्थितियों से रूबरू होने का प्रत्यक्ष अनुभव मिलता है।हमें अपने जीवन में अपनी ग़लतियों से सबक और कदम कदम पर वो पाठ सीखने को मिलता हैं जो शायद ही किसी शिक्षा-केंद्र में या किताबों में मिलें।मुझे भी मिले इन अनुभवों को शब्दों में पिरोकर आप सभी से साझा करना चाहती हूँ । आशा है कि आप मेरे अहसासों को समझ पाएंगे और कहीं न कहीं कोई जुड़ाव महसूस करेंगे ।
जरा तो मिल ले ख़ुद से
Author’s Name: Usha Tibrewal
About the Author: मैं ऊषा, सूर्य की पहली किरण, जैसा कि नाम की सार्थकता दर्शाती है,आशावादी हूँ। जीवन के हरेक पहलू की बारीकियों को समझने का प्रयास करती हूँ। बोलने में थोड़ा असहज,असमर्थ हो जाती थी। मुझे इस मुश्किल से उबारने में, मेरे दिल की बातों को काग़ज़ पर उतारने में कलम ने मेरा साथ बखूबी निभाया है।मेरी दबी हुई दिल की आवाज़ को शब्दों से सजाने में मेरी भरसक मदद की है।मेरा आप सबके समक्ष आने का एक प्रयास है, एक आश है कि मेरी बातें कहीं न कही आपके दिल को छू लेगी और आप भी उससे जुड़ाव महसूस करेंगे। इससे पहले मेरी कविताओं की एक किताब “हसरतें दिल की”प्रकाशित हुई हैं। मेरी कविताएँ जीवन के प्रत्यक्ष स्वरूप का ही विवरण हैं, जो हमें पग-पग पर एक नया संदेश देती हैं। जीवन उतार-चढ़ाव, सुख-दुख, धूप-छाँव आदि का ही एक संगम है।
Book ISBN: 9781807153007
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