"जिंदगी ने मुझे फिनिक्स की कहानी सुनाकर हद पार कर दी.मेरे अवचेतन मन ने बार बार यही दोहराया कि में फिनिक्स हूँ .जिंदगी का उद्देश्य शुभ था, जो मुझे अपने आप पे गहन विश्वास जताने की प्रेरणा दे रहा था. जो अति विषम परिस्थिति का सामना शौर्य से करना सिखाता था.
फिनिक्स की बोधगाथा का मुझपे गहन असर हुआ. काल से निकली कसौटियों ने मुझे अनगिनत बार गिराया, मिटाया, प्रताड़ित करते हुए आग के हवाले किया.
में फिनिक्स हूँ सुनकर मैंने राख के ढेर में से अपने आप क़ो दोबारा जीवित कर लिया. आत्मसन्मान के अंतिम शिखर पे आरुढ होकर,खुद से ओर जिंदगी से अनहद प्यार का इजहार गर्व से किया.
आखिर मैंने मेरे हिस्से का प्रकाश, हक से हांसिल करते हुए जीवन का सफऱ चमकाकर ही दम भरा. "
जिंदगी एक रोमांच है
Author’s Name: Manisha keshav
About the Author: "जिंदगी ज़ब तुम्हारे ढंके हुए प्रकाश से पर्दे नहीं उठाती तब लंबे इंतजार के बाद प्रकाश खुद फुटकर फैल जाता है प्रकाशकिरणों क़ो अब बाहरी सतह पे चमक फैलाने कि चाह नहीं रहती, अपितु भीतर छिपे रोमांच से जुड़कर खुद कि मुस्कान महकाने में मजा आता है. मनीषा केशव जीवन कि महत्ता प्रति सचेत करते हुए, bookleaf publishing सह अपना 9 वा प्रेरणामय काव्यसंग्रह प्रगट करते हुए, सभी वाचकगण क़ो जीवन के गूढ इशारे समझकर उनके प्रति सद्भाव क़ायम रखने के लिये प्रेरित कर रही है. लेखनयात्रा के सर्व सहयोगी प्रति आभार प्रगट कर रही है."
Book ISBN: 9781807156206
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