Description of the Book:
हर दिन एक कविता है—कभी ठहरी हुई, कभी बहती हुई, कभी अनकही। सुबह की ताज़गी, दोपहर की बेचैनी, शाम की उदासी और रात की ख़ामोशी—हर लम्हा अपने भीतर एक अर्थ समेटे चलता है। यह किताब उन्हीं बिखरे हुए एहसासों का संग्रह है, जो कभी एक मुस्कान देंगे, तो कभी किसी भूली-बिसरी याद को जगाएँगे। शायद इसमें आपको अपना कोई अधूरा ख़याल, कोई खोया हुआ सपना, या बस ज़िंदगी की हल्की-सी झलक मिल जाए।
चलते चलते
SKU: 9789369548989
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