Description of the Book:
"""ख़्वाब, हक़ीक़त और अल्फ़ाज़""** सिर्फ़ एक किताब नहीं, जज़्बात का सफ़र है। इसमें मोहब्बत की मिठास, दर्द की सच्चाई और ज़िंदगी के अनकहे पहलू शायरी की शक्ल में समेटे गए हैं। हर शेर एक एहसास है, हर लफ़्ज़ दिल की गहराइयों से निकला है।
यह किताब उन लोगों के लिए है जो शायरी को सिर्फ़ पढ़ते नहीं, बल्कि महसूस करते हैं। अगर आप भी लफ़्ज़ों में बसे जज़्बात को समझते हैं, तो यह किताब आपके दिल के क़रीब होगी। "
ख़्वाब, हक़ीक़त और अल्फ़ाज़-जब खामोशी बोलने लगे और अल्फ़ाज़ गूंज उठें
SKU: 9789369536191
₹110.00Price
.png)
