यह महज़ कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि एक दिल की धड़कन है। यह उन सभी बिखरी दास्तानों का ठहराव है, जो भावनाओं के सैलाब से गुज़रकर कविताओं की शक्ल में सामने आईं।जैसे बहता पानी एक जगह ठहरकर तालाब बन जाता है, वैसे ही यह किताब मेरे गहरे जज़्बातों का आईना है। यह उस अकेलेपन की गूँज है जो शुरू होकर भी कभी ख़त्म नहीं होता—बल्कि हर बार और भी तीव्र होकर लौटता है।यह सफ़र है मोहब्बत, उम्मीद और सपनों के अचानक टूट जाने का। अगर आपकी भी कोई भावना रास्ते में कहीं खो गई है, या कोई आवाज़ अधूरी रह गई है, तो 'ख़ाली शब्द' आपके दिल के उसी कोने को छू जाएँगी जहाँ हर किसी की एक अनकही कहानी छुपी रहती है।
खाली शब्द
SKU: 9798898657925
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Author’s Name: Saurabh Khambalkar
About the Author: सौरभ खांबलकर एक आई.टी. पेशेवर हैं, लेकिन दिल से वे एक कहानीकार और कवि हैं। 'ख़ाली शब्द' उनका पहला कविता-संग्रह है, जिसे उन्होंने अपने दिल की सबसे सच्ची आवाज़ माना है। वे वही लिखते हैं जो वे महसूस करते हैं, और यह सच्चाई उनकी लेखनी की पहचान है। उनका उद्देश्य है कि उनकी कविताएँ पाठकों के दिल के अनकहे कोनों को छू सकें।
Book ISBN: 9798898657925
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