Description of the Book:
"स्त्री - एक शब्द नहीं , संपूर्ण सृष्टि है। वह मां के रूप में ममता है ,बेटी के रूप में आशा ,बहन के रूप में अपनापन और पत्नी के रूप में समर्पण। पर इन सब रिश्तों से परे, वह स्वयं का भी एक अस्तित्व रखती है - जो अक्सर समाज के शोर में अनसुना रह जाता है। यह संग्रह, उसी खोई हुई आवाज़ की तलाश है।"
कलयुग की धूप नारी के अनेक रूप-नारी सशक्तिकरण और समाज में परिवर्तन
SKU: 9789370927759
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