प्रस्तुत संकलन की कविताएं किसी निर्धारित बिषय,घटना अथवा चरित्र -विशेष को रेखांकित नहीं करतीं! इनमें से अधिकांश हमारे आराध्य देवी-देवताओं की स्तुति -गान का प्रयास हैं, जबकि कुछ अन्य हमारे महापुरुषों के व्यक्तित्व में निहित उल्लेखनीय गुणों पर प्रकाश डालती हैं। कुछ कविताएं हमारे पर्व -उत्सवों पर भी हैं।साथ ही प्राकृतिक सौंदर्य,नव -वर्ष, ऋतु परिवर्तन हमारे संविधान की महत्ता जैसे विविध विषयों को भी छूने का साहस किया है।
काव्य-मंजरी
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Author’s Name: पूरन सिंह स्यूनरी
About the Author: "लेखक एक सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य रहा है। छात्र जीवन से उसका साहित्य की ओर रुझान रहा है। अपने विद्वान गुरुजनों की शिक्षा -दीक्षा से उसकी साहित्य- लेखन कीअभिरुचि बलवती होती गयी। उसका गांव, स्यूनराकोट, अल्मोड़ा, हिन्दी साहित्य के मूर्धन्य छायावादी कवि सुमित्रानंदन पन्त जी की जन्मभूमि है। उनके प्रति सम्मान एवं श्रद्धा को व्यक्त करने का उसे इस प्रकार का लेखन सबसे सुगम लगा। इस प्रकार ये संकलन वजूद में आया।"
Book ISBN: 9798900819471
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