Description of the Book:
लिखना एक चाहत भी है, लिखना एक जरूरत भी है
वो एक जूनून भी है, एक आदत भी है और शयद, इबादत भी है...
कभी समेटती हूँ शब्दों को, तो कभी शब्दों में समा जाती हूँ
कभी खोजती हूँ दुनिया में खुद को, कभी खुद में एक दुनिया पाती हूँ...
कुछ बिखरे ख्यालों को एकत्रित करने का प्रयास, कुछ खोए हुए लम्हों को कैद करने की कोशिश,
कुछ ऐसा बयान करने की चेष्टा जो कभी घटा ही नहीं और एक प्रयत्न उमड़ती भावनाओं को स्वर देने का...इन्ही सब के विचित्र मिश्रण से जन्म हुआ है इस पुस्तक का । यह पुस्तक, उबलती भावनाओं तथा शांत विचारों का एक परस्पर विरोधी परिणाम है। अभी कुछ वक्त पहले तक इन सभी कविताओं का अस्तित्व मेरे डायरी के पन्नो तक सिमटा हुआ था, अब यह इस पुस्तक में जीवंत हो उठी हैं।
कुछ पकड़े हुए पल
Author Name: Somya Dubey About the Author: क्या कहूं अपने बारे में, अगर यह कहूं कि शब्द नहीं मिल रहे तो आप पूछेंगे की मैं कैसी कवि हूँ… पर क्या करूँ, कभीकभी ऐसे फंस जाते हैं कि क्या बताना है और क्या छुपाना ये समझ नहीं आता ! यों आपको घबराने की कोई बात नहीं है, मेरे पास छुपाने लायक कुछ भी नहीं। मेरे बारे में आप इतना ही अगर जाने की मैं एक कवि हूँ तो ये काफी है, बाकि मेरी कृतियां स्वयं मेरा परिचय दे देंगी तो मुझसे पूछने की जगह आप मेरी रचनाओं में ढूंढे की मैं कौन हूँ। मेरा कविताओं और साहित्य की दुनिया से बस इतना ही वास्ता है कि मैं इसी दुनिया में जिया करती हूँ और बस कभीकभार उससे बाहर निकल कुछ जरुरी काम निपटा लेती हूँ ! मूलतः एक पाठक हूँ पर दिमाग के एक कोने में हर वक्त कोई न कोई कविता या कहानी पकती रहती है। मेरी पढाई का और मेरे वर्तमान रोजगार का साहित्य से कोई लेनादेना नहीं है पर कइयों कि तरह मैं भी जिंदगी के थपेड़ो से बचने के लिए साहित्य की शरण लेती हूँ। जैसा की कह चुकी हूँ कि अब तक तो साहित्य का उद्धार मैंने मुख्यतः पाठक के तौर पर ही किया है, पर अब वो वक्त आन ही पड़ा है की एक लेखक और कवि के तौर पर साहित्य की सेवा करूँ, आशा है आप को भी मेरी इन कविताओं में साहित्य की वो शरण प्राप्त होगी जिसका कि आपका हृदय अभिलाषी है। Book ISBN: 9789394573567
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