Description of the Book:
गुलाबों से महक और चमेली से महक बहुत ही लुभावनी होती है
पर जब वो महक इंसानों से आती है तो वो एहसासों की महक होती है|
और यह ऐसी महक है जो हर किसी में है,हर किसी में अलग सी है, जो सिर्फ महसूस करी जा सकती है|
कुछ ऐसे ही एहसासों से जुडी मेरी कहानी है
जो इस कविता संग्रह के द्वारा मुझे आप सबको सुनानी है|
आशा करूंगी कि यह महक आप तक पहुंच पाए
और आप भी इस से सुगंधित हो कर इस महक को चारों ओर फैलाएं|
एहसासों की महक
SKU: 9789357217606
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Author's Name: Sunistha Singh About the Author: सुनिष्ठा सिंह का जन्म 16 दिसंबर 1987 को हिमाचल के नाहन में हुआ|इनके पिता श्री जगमोहन सिंह एक बिजनेसमैन है,और माता श्री नंदा देवी एक ग्रहणी है| इनके पति चार्टर्ड अकाउंटेंट है और एक मल्टीनैशनल कंपनी में फाइनेंस हेड है| देहरादून से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद सुनीष्ठा ने कंपनी सेक्रेटरी की डिग्री ली और पढ़ाई में दिलचस्पी होने के कारण इन्होंने एमकॉम और एमबीए भी किया| हमेशा ही कुछ अलग करने की तलाश में इन्होंने एक मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में अपना प्रोफेशन स्टार्ट किया अब यह लोगों को प्रेरित करती हैं और उनको लॉ ऑफ अट्रैक्शन की कोचिंग देती है| हमेशा ही चीजों को अलग ढंग से देखने के कारण इनको लेखन में रुचि रही है इसलिए कविताओं और कहानियों के माध्यम से अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है| एहसासों की महक के द्वारा यह अपना पहला कविता संग्रह प्रस्तुत कर रही है जिसमें इन्होंने समाज के और लोगों के नजरिए को दर्शाया है| Book ISBN: 9789357217606
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