Description of the Book:
"उधेड़बुन" कविता, शायरी या ना जाने क्या लिखा है की उधेड़बुन में लिखी एक पुस्तक है।
ये पुस्तक प्रेम, जीवन और राजनीति के विषयों को कभी टटोल कर, कभी खोल कर , कभी छू कर निकलती रहती है। इसमें कुछ ऐसी कविताएँ है जो आप मंच पर सुना सकते है, कुछ ऐसी जो सिर्फ़ आपको सुकून देने के लिए और कुछ आपको रात भर जगाने के लिए है।
ये संग्रह हमारे आपके सबके जीवन से सीधे जुड़ा है तो आप हर लेख को बहुत क़रीब से महसूस कर पाएँगे, हर भाव आपको चिर-परिचित ही लगेगा। कभी आप वाह कहेंगे तो कभी आपकी आँखों में भरा हुआ एक आँसू, कभी आप प्रेरित महसूस करेंगे तो कभी सिर्फ़ मुस्कुरा कर किताब को सीने से लगा लेंगे और फिर पन्ना पलट लेंगे।
उधेड़बुन
SKU: 9789360944537
₹110.00Price
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