Description of the Book:
इश्क में मिलन है, जुदाई है, रुसवाई है, बरखा की फुहारें हैं, अंगारे हैं, रश्क है, हसद है, फूल हैं, कांटे हैं, दर्द है, मिठास है, उम्मीद है, नाउम्मीदी है, कसमें हैं, वादे हैं, वफ़ा है, बेवफाई है, महलों के ख्वाब नहीं छोटे से घर की तमन्ना है, ताने-तिश्ने हैं, अमीरी-गरीबी का फर्क है, ज़मीं पे आसमां पे है इश्क, पूरी कायनात में है इश्क, यहाँ-वहाँ कहाँ नहीं है इश्क, दरो-दीवार पे लिखे हैं अफसाने इश्क के|
ये इश्क नहीं आसां बस इतना समझ लीजे|
इक आग का दरिया है और डूब के जाना है||
-जिगर मुरादाबादी|
इश्क के मोती
SKU: 9789357448918
₹110.00Price
Author's Name: विनय सक्सेना About the Author: भारतीय नौ सेना से २००५ में सेवा निवृत्त होने के बाद ६८ वर्ष की आयु में साहित्यिक यात्रा आरंभ की. अब तक ७ उपन्यास, १ काव्य-संग्रह (मुक्तक), ४ साझा काव्य संग्रह, १ कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं. शीघ्र ही ५ खंड में एक उपन्यास प्रकाशित होने वाला है. Book ISBN: 9789357448918
.png)
