“अपने रस्ते चले गए” हर्ष पाल की अब तक की सबसे ख़ूबसूरत शायरी और उनके जीवन अनुभवों का संग्रह है। यह किताब सिर्फ़ शायरी का संकलन नहीं, बल्कि प्यार, रिश्तों और दोस्ती की भावनाओं को महसूस करने का सफ़र है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे साधारण शब्द गहरी भावनाओं का रूप लेते हैं और दिल को छू जाते हैं। हर्ष पाल ने अपने जीवन के अनुभवों को शब्दों में पिरोकर पाठकों के सामने रखा है, जो हर दिल को अपनेपन और संवेदनाओं से जोड़ देगा
अपने रस्ते चले गए
SKU: 9798900811260
₹110.00Price
.png)
