यह किताब लिखने का उद्देश्य केवल मेरे मन में आये विचारों को कलम बद्ध करने का हैं। इस में लिखित कविता मेरे प्रियजनों (पिता और पति) को समर्पित हैं जो अब हमारे बीच नहीं हैं। उन तक भी ये संदेश पहुँचे की हम उन्हें बहुत याद करते हैं और बहुत प्रेम भी करते हैं।
अनकही
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