Description of the Book:
ये पुस्तक मेरे व्यक्तित्व को तराशने वाले एक अहम शिल्पकार प्रेम के इर्दगिर्द भ्रमण करती है । लेकिन इसे किसी एक परिभाषा या बिंदु में जकड़ना गलत होगा। मैं कहूंगा कि ये एहसासों के बारे में है। हर वो कहे अनकहे एहसास, हर वो कहानी, जो हम किसी से साझा नहीं करते हैं, खुद से भी नहीं । मेरे घर में एक पालतू कुत्ता है, बहुत प्यारा है । जब भी घर जाता हूँ, वो दौड़ कर मुझे मिलने आता, और ऊपर चढ़ जाता । उसे प्यार व्यक्त करना होता है तो पूछ हिलाने लगता, और एक्साइट्मेंट में इधरउधर दौड़ने लगता । उसे देख कर सोचता हूँ, कितना सरल है प्रेम व्यक्त करना । उसे देखकर लगता है, कितना सरल है प्रेम करना । फिर क्यों हमने इसे इतना कॉम्प्लिकेट कर दिया है । मुझे लगता है हम महसूस करने में सबसे आगे निकल चुके हैं, मगर व्यक्त करने में अभी भी काफी लम्बा सफर तय करना बाकी है । इसी सफर में आगे बढ़ने का एक छोटा सा प्रयास है ये पुस्तक।
अ होपलेस रोमैंटिक
Author Name: उत्कर्ष सक्सेना About the Author: उत्कर्ष सक्सेना का जन्म इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश में हुआ। बारहवीं तक की पढ़ाई भी इलाहबाद में ही की। आगे भी ज़्यादा सोचना नहीं पड़ा। आधा हिंदुस्तान इंजीनियरिंग कर रहा था, सो एक इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला ले लिया। और वहां से निकलने के बाद, बैंगलोर स्थित एक MNC में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर नियुक्त हो गए। तथाकथित, 'लाइफ सेट' हो चुकी थी। अभी तक वो सब कुछ किया, जो किया जाना चाहिए। कविताओं में रूचि तो पहले से थी, मगर जो नहीं किया, वो ना कर पाने की जद्दोजेहद ने इसे अभिव्यक्ति का रूप दिया। शायद, उसी का परिणाम है ये पुस्तक। अब तो रेगुलरली लिखते हैं। कविताओं को अपना कम्फर्ट ज़ोन बना चुके हैं। Book ISBN: 978-93-94136-31-1
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