"""The Path of a Jogan""-कविताओं के माध्यम से उन्होंने अपने अंतरतम भावों को शब्द दिए — विरह, आश्रय, समर्पण और पूर्ण प्रेम की अनुभूतियाँ। इनकी रचनाएँ आत्मा और परमात्मा के मिलन की कथा हैं। हर कविता कृष्ण से एक संवाद है - कभी उलाहना, कभी समर्पण। लेखिका का उद्देश्य सिर्फ़ लिखना नहीं, अपितु अपने ठाकुर को हर शब्द में जीना है यह पुस्तक एक साधारण स्त्री के असाधारण भक्ति पथ की अभिव्यक्ति है जो बेटी से जोगन बनी , आपने कभी प्रेम किया है, कभी खोया है, या कभी ईश्वर को पुकारा है तो यह पुस्तक आपको आपके भीतर के उस मौन से मिला देगी, जहाँ केवल ठाकुर होते हैं।इन्हें लिखते समय कोई ज्ञान की बातें नहीं सोचीं, न ही कोई शास्त्र याद रखे बस...प्रेम ।
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The Path of a Jogan
Author's Name: Meera
About the Author: """The Path of a Jogan” की लेखिका एक युवा साधिका हैं, जिनका जीवन ठाकुरजी की भक्ति में पूर्णतः समर्पित है। उनका जीवन एक खोज रहा -आत्मा की पुकार, ब्रज की मिट्टी की चाह, और ठाकुरजी की गोद की अभिलाषा।एक बेटी के रूप में संघर्ष, आत्मिक पीड़ा के बीच उन्होंने अपने कन्हैया को पाया।आज वे नारी-सशक्तिकरण और भक्ति आधारित महिला रोजगार के से जीवन में आशा भर रही हैं।"
Book ISBN: 9789372137422
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