Description of the Book:
साक्षायर दो शब्दों से मिलकर बना
साक्षी और शायर
शायरी एक लखक की कला को दर्शाता है उसके मनोबल की दृढ़ता का सनदेश देता है उसके एहसासों को शब्द देता है उसके है शब्द का पहलू समझाता है। साक्षायर सिर्फ मेरा नाम ही नही मेरी कला का एक छोटा सा अंश भी है जिसकी बुनियाद कई सालो पहले लिखी गई थी।
आज भी उन्ही सब बातों, यादों उन नजारों को साक्षी मान कर ये कविताएं बनाई गई है। इन सब कविताओं से लेखक केवल अपनी कला को प्रदर्शित नहीं करना चाहता बल्कि साथ ही साथ अपने पाठकों को कुछ ऐसा प्रदान करना चाहता है जिससे उनके पाठक अपने जीवन के संदर्भ में समझ सके, उन्हें हिम्मत के साथ साथ कुछ ऐसी कहानियां भी मिले जिन्हे वे आपने जीवन से जोड़ सके, आपने आपको आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सके, जीवन के उतार चढ़ाव को समझ सके। साक्षायर द्वारा शायरियों की दुनिया में लिखी गई शायेरियों में से कुछ कविताओं का मेल है जो साक्षायर के जीवन में साक्षी बने है और तो और कई और लोगों के जीवन की साक्षी भी बने है।
मुझे पूरी उम्मीद है की आप सबको इन कविताओं से हिम्मत के साथ साथ कुछ दिल छू लेने वाली कहानियां भी मिलेगी।
इन्ही सुभकामनाओ के साथ
आप सभी का तहे दिल से धन्यवाद
साक्षायर
Sakshayer साक्षायर
Author's Name: Sakshi Begwani About the Author: कहते है ख्वाबों की दुनिया में अक्सर सुकून मिलता है पर दर्द का एहसास हकीकत में ला खड़ा करता है बस ये ख्वाबों और हकीकत के बीच की जिंदगी जीते है अक्सर हम जैसों को शायर कहते है Sakshi Begwani Pen name : sakshayer Started her journey 9 years back as a short hindi poet "shayer"; hustling to show her peace of writing to the world where orinal writers are hard to find. for some writing is a tool to express them where as some uses to impress while sakshayer got it as a gift from a person who was neither a know nor unknown; neither a friend nor enemy ; but still a big part of her writing life. Everything happens in the life for some reason and some things happen to make you what you are... And that's what makes sakshi a sakshayer. Book ISBN: 9789357693721
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