यह काव्य-संग्रह जीवन की उस निरंतर बहती यात्रा का साक्ष्य है, जो जन्म से लेकर बुढ़ापे की शांति तक मनुष्य को अनेक अनुभवों से गढ़ती है। इन कविताओं में बचपन की निष्कपटता है, युवावस्था के स्वप्न हैं, प्रेम और विवाह की जिम्मेदारियाँ हैं, मातृत्व की गहराई है, संघर्ष और टूटन के मौन क्षण हैं, और अंततः स्वीकार की शांति है। ये रचनाएँ केवल कवि की आत्मकथा नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति का प्रतिबिंब हैं जो जीवन की धारा में बहते हुए सीखता, सहता और आगे बढ़ता है। सरल शब्दों में रची गई ये कविताएँ पाठक को ठहरने, सोचने और अपने जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने का अवसर देती हैं। यह पुस्तक यह विश्वास जगाती है कि जीवन सुंदर है और परिवार उसकी सबसे मजबूत आधारशिला।
jeevan dhara
SKU: 9789375277811
₹110.00Price
.png)
