यह कविता संग्रह जीवन के उस सफ़र का आईना है, जिसे हम रोज़ जीते हैं, पर अक्सर महसूस करना भूल जाते हैं। लेखक मुकेश प्रजापति ‘मोक्ष’ ने हिंदी सिनेमा में अपने 15 वर्षों के रचनात्मक अनुभव और गहन अवलोकन से मिले विचारों को इन कविताओं के रूप में ढाला है। यह पुस्तक सिर्फ़ कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि रिश्तों की जटिल गांठों, मन की अनसुलझी उलझनों और हर मोड़ पर ज़िंदा रहने वाली असीमित उम्मीदों की एक दास्तान है। इन कविताओं में जीवन के वे देखे और अनदेखे पल शामिल हैं जो हर इंसान को भावनात्मक रूप से छूते हैं। सरल भाषा और गहरे भावों के ज़रिए, यह कृति हमें अपनी ही भावनाओं से रूबरू कराती है। यह उन सभी पाठकों के लिए है जो भावनाओं की ईमानदारी और जीवन के सहज सौंदर्य को तलाशते हैं।
21 लम्हे, एक ज़िंदगी
SKU: 9781807150433
₹110.00Price
Author’s Name: मुकेश प्रजापति ‘मोक्ष’
About the Author: "मुकेश प्रजापति ‘मोक्ष’ का सफ़र मध्य प्रदेश के मंडला ज़िले से शुरू हुआ, जहाँ उन्होंने विज्ञान में स्नातक की डिग्री ली। बचपन से ही किताबों और सिनेमा के प्रति गहरे लगाव ने उन्हें रचनात्मकता की ओर मोड़ दिया। पिछले 15 वर्षों से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से सक्रिय रूप से जुड़े हैं और वर्तमान में मुकेश वर्तमान में कहानी और पटकथा की बारीकियों पर काम कर रहे हैं ।"
Book ISBN: 9781807150433
.png)
