यह किताब एक काव्य संग्रह है जिसमे कि कवयित्री ने इंसानी ज़हन में आने वाले बहुत से भाव और विचारो का अपनी कविताओं के माध्यम से वर्णन किया है I इस किताब को पढ़ के हर व्यक्ति को ऐसा लगेगा जैसे ये उसी की ही अभिव्यक्ति हो और इन कविताओं को वो महसूस करेगा I जीवन में आने वाली कठिनाइयों को सजगता और अपनी चेतना से जीतने का दृढ संकल्प यदि बनाना हो तो एक बार जरूर इस किताब का अध्ययन करना चाहिए I
स्वयं बोध
SKU: 9789370921030
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Author’s Name: नितिशा नवराल
About the Author: "कवयित्री नितिशा नवराल की रचनाएँ वास्तविकता से परिचय कराती हैं Iउन्होंने अपनी पढाई के दौरान ग्यारह वर्ष की उम्र से ही कवितायेँ एवं लेख लिखना शुरू कर दिया था Iइन्होने मैट्रिक सं २००४ में की और सं २०११ में रसायन विज्ञान में मास्टर डिग्री प्राप्त की Iवर्तमान में देश की सर्वोत्तम बैंक में कार्यागृत हैं Iइनकी सोच बचपन से ही सामाजिक विचारधारा पे रही और ये अपने लेखन के कौशल और कार्य प्रणाली के माध्यम से समाज में एक उमंग,उत्साह और सजगता लाने की चाह रखती हैं I "
Book ISBN: 9789370921030
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